नाट्यगीते ६
| जय शंकरा गंगाधरा - (अहीर भैरव) जयोस्तुते उषादेवते - (देसकार) सोहम् हर डमरु बाजे - (तोडी) ओ गुलबदन जादू नयन - ( मिश्र खमाज) बसंतकी बहार आयी - (बसंतबहार) हरी मेरो जीवन प्राण अधार - (पिलू) कोण अससी तू नकळे मजला - (जोगकंस) तारिल हा तुज गिरिजाशंकर - (हिंडोल) |
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| २६. | संगीत मदनाची मंजिरी - विद्याधर गोखले |
| मानिनी सोड तुझा अभिमान - (मल्हार) तारिल तुज - (अंबिका) अंग अंग तव अनंग - (सोहनी) ऋतुराज आज मनी आला - ( छाया मल्हार) |
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| २७ | संगीत जय जय गौरीशंकर - विद्याधर गोखले - १४ ऑगस्ट १९६६ |
| भरे मनात सुंदरा निराकार ओंकार - (सावनी कल्याण) नारायणा रमा रमणा - (नटभैरव) कशी नाचे छमाछम मत्तमयूरी - (मांड) |
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२८ |
संगीत मेघमल्हार - विद्याधर गोखले - १३ ऑगस्ट १९६७ |
| गुलजार नार ही मधुबाला - (पहाडी) धन संपदा नलगे मला ती - (अभोगी) धीर धरी धीर धरी, जागृत गिरीधारी - ( मांड) |
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| २९. | संगीत स्वर सम्राज्ञी - विद्याधर गोखले - २ डिसें. १९७२ |
| कशी केलीस माझी दैना - (यमन) एकलीच दीपकळी मी अभागिनी - (सोहनी) रे तुझ्यावाचून काही येथले अडणार नाही - (तिलंग) |
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| ३० | संगीत मत्स्यगंधा - वसंत कानेटकर - १ मे १९६४ |
